विश्व का सबसे बड़ा विश्व सनातन महापीठ हरिद्वार में बन रहा है - 1000 करोड़ की लागत
विश्व का पहला "सनातन संसद भवन" - सनातन धर्म के लिए वैश्विक मंच
2000 छात्रों की क्षमता वाला गुरुकुल और प्रशिक्षण केंद्र - वैदिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान
यज्ञशालाएं - निरंतर यज्ञ, अनुष्ठान और वैदिक प्रथाओं के लिए
सतकवादी सनातन योद्धा - 1 लाख युवाओं का वार्षिक प्रशिक्षण
गौ संरक्षण केंद्र - देसी गाय की देखभाल और जैविक खेती
सनातन काल संग्रहालय - भारतीय सभ्यता की यात्रा का आधुनिक प्रदर्शन
100 एकड़ पवित्र भूमि पर वैदिक वास्तुकला के सिद्धांतों का पालन करते हुए निर्माण
विश्व का सबसे बड़ा विश्व सनातन महापीठ हरिद्वार में बन रहा है - 1000 करोड़ की लागत
विश्व का पहला "सनातन संसद भवन" - सनातन धर्म के लिए वैश्विक मंच
2000 छात्रों की क्षमता वाला गुरुकुल और प्रशिक्षण केंद्र - वैदिक शिक्षा के साथ आधुनिक ज्ञान
यज्ञशालाएं - निरंतर यज्ञ, अनुष्ठान और वैदिक प्रथाओं के लिए
सतकवादी सनातन योद्धा - 1 लाख युवाओं का वार्षिक प्रशिक्षण
गौ संरक्षण केंद्र - देसी गाय की देखभाल और जैविक खेती
सनातन काल संग्रहालय - भारतीय सभ्यता की यात्रा का आधुनिक प्रदर्शन
100 एकड़ पवित्र भूमि पर वैदिक वास्तुकला के सिद्धांतों का पालन करते हुए निर्माण
"तीर्थ सेवा न्यास - सेवा, संस्कार और समर्पण"
तीर्थ सेवा न्यास का दिव्य मिशन

विश्व सनातन महापीठ

₹1000 करोड़ का महाअभियान - भारत और विश्व को दिशा देने वाला सनातन प्रेरणा केंद्र

हरिद्वार

उत्तराखंड

100 एकड़

क्षेत्रफल

2025-2029

निर्माण काल

विश्व सनातन महापीठ
हमारा दृष्टिकोण
हमारा दृष्टिकोण

हमारा दृष्टिकोण

"यह कोई साधारण परिसर नहीं, बल्कि भारत और विश्व को दिशा देने वाला सनातन प्रेरणा केंद्र है।"

यह एक ऐसा स्थान होगा जहाँ हर कण में धर्म की अनुभूति होगी, हर कदम सेवा से ओतप्रोत होगा और हर निर्माण राष्ट्र सेवा को समर्पित होगा।

सनातन धर्म के शाश्वत मूल्यों को पुनः स्थापित करना
भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाना
आध्यात्मिक रूप से जागरूक भारत का निर्माण
प्रमुख स्तंभ

पंच स्तंभ - VSM की आधारशिला

धर्म

शाश्वत मूल्यों की स्थापना

ज्ञान

वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा

विज्ञान

आयुर्वेद, कृषि, नवाचार का समन्वय

सेवा

सामाजिक उत्थान हेतु समर्पित कार्य

संस्कार

चरित्र निर्माण और नैतिकता का विकास

राष्ट्र निर्माण में भूमिका

सनातन के माध्यम से राष्ट्रीय उत्थान

सांस्कृतिक जागरण

भारत की आत्मा को पुनः जागृत करना, वैदिक ज्ञान और धार्मिक परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाना।

रोजगार सृजन

कृषि, डेयरी पालन, तीर्थ पर्यटन, प्राकृतिक चिकित्सा और सांस्कृतिक उद्यमों के माध्यम से आजीविका के अवसर।

ग्राम उत्थान

तीर्थ आधारित विकास मॉडल के द्वारा गाँवों को आत्मनिर्भर और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाना।

युवा निर्माण

लीडरशिप अकादमी और धर्म योद्धा प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से युवाओं का सशक्तिकरण।

प्रमुख संस्थान और क्षेत्र

100 एकड़ में विस्तृत दिव्य परिसर

सनातन संसद भवन

संतों व आचार्यों की धर्मसभा के लिए विशेष भवन

गुरुकुल व विश्वविद्यालय

2000 छात्रों हेतु वैदिक + आधुनिक शिक्षा व्यवस्था

गौ संरक्षण केंद्र

देशी गायों की सेवा, पंचगव्य उत्पादन व अनुसंधान

108 यज्ञ मंडप

अग्निहोत्र, राष्ट्र यज्ञ और यज्ञाचार्य प्रशिक्षण केंद्र

बहु-संप्रदायिक सौहार्द्र क्षेत्र

सिख, जैन, बौद्ध, आर्य समाज, रविदास परंपराओं हेतु

संत कुटीर एवं भक्त निवास

108 संत कुटीर एवं 1008 भक्त निवास कक्ष

सनातन टाइम म्यूज़ियम

10,000 वर्षों की विरासत, VR व होलोग्राम के साथ

स्टार्टअप व नवाचार केंद्र

गोउद्यमिता, आयुर्वेद, ग्राम तकनीक विकास

वेलनेस एवं पंचकर्म केंद्र

प्राकृतिक चिकित्सा और योगिक चिकित्सा सुविधा

आध्यात्मिक होमस्टे

वैश्विक आगंतुकों के लिए ईको-टूरिज्म अनुभव